एमडब्ल्यूपी एक्ट के साथ ही लिया जाए जीवन बीमा, इससे परिवार को मिलती है अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा

हम सभी सोचते हैं कि सिर्फ टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी लेने से परिवार और खासतौर पर पत्नी और बच्चों का किसी अनहोनी की स्थिति में भविष्य सुरक्षित हो जाता है। लेकिन केवल जीवन बीमा ले लेना यह सुनिश्चित नहीं करता कि किसी की मृत्यु के बाद बीमा की रकम उसके परिवार वालों को ही मिलेगी। हो सकता है कि क्लेम का पैसा नॉमिनी या बेनिफिशियरी (लाभार्थी) को मिले ही न। यह भी हो सकता है कि बीमा का पैसा पत्नी या बच्चों को न मिलकर, किसी रिश्तेदार को या पति ने जहां से लोन या उधार लिया हो, उसे मिल जाए। इन सभी स्थितियों से बचने के लिए पुरुष बीमाधारक को 'मैरिड वुमन्स प्रॉपर्टी एक्ट, 1874 (एमडब्ल्यूपी एक्ट) के तहत टर्म इंश्योरेंस प्लान लेना चाहिए। एमडब्ल्यूपी एक्ट के तहत बीमा लेने पर पति के गुजरने के बाद बीमा राशि पर पत्नी और बच्चों का ही अधिकार होता है और इसे किसी कोर्ट के माध्यम से डेट (लोन) आदि चुकाने के लिए अटैच नहीं किया जा सकता।


एमडब्ल्यूपी एक्ट से जुड़ी खास बातें...




  1. एमडब्ल्यूपी एक्ट के तहत कैसे लें टर्म इंश्योरेंस?


     



    • कोई भी किसी भी कंपनी का टर्म इंश्योरेंस ले सकता है, साथ ही एमडब्ल्यूपी एक्ट के तहत ऑनलाइन इंश्योरेंस प्लानिंग भी की जा सकती है। यह बहुत सिंपल है। जब पति या आपके परिवार में कोई भी प्लान खरीदने के लिए फॉर्म भरे तो उसमें यह सवाल देखे: मैं मैरिड वुमन्स प्रॉपर्टी एक्ट (1874) के तहत यह पॉलिसी खरीदना चाहता हूं।

    • इस सवाल के जवाब में 'हां' चुनें। इसके बाद बेनिफिशियरी या ट्रस्टी की जानकारियां देनी होंगी। जैसे नाम, संबंध, जन्मतिथि, लाभ के हिस्से का प्रतिशत आदि। पति इसमें अपनी पत्नी, बच्चों के नाम दे सकता है। एक साथ कई लाभार्थी जोड़े जा सकते हैं।


     




  2. क्या है एमडब्ल्यूपी एक्ट?


     


    इस एक्ट का सेक्शन 6 इसका महत्व बताता है: 'बीमा की पॉलिसी जो किसी शादीशुदा पुरुष ने अपने जीवन पर ली है, उसका लाभ उसकी पत्नी और बच्चों या उनमें से किसी भी एक को मिलना सुनिश्चित होना चाहिए। इनके अलावा पति के किसी भी क्रेडिटर (लोन या उधार देने वाले) का इसपर कोई अधिकार नहीं होगा।' यानी इस एक्ट के तहत पति के बीमा के ट्रस्टी उसकी पत्नी और बच्चे ही होते हैं।


     




  3. एमडब्ल्यूपी एक्ट परिवार को कैसे बचाता है?


     


    एमडब्ल्यूपी एक्ट के तहत ली गई टर्म पॉलिसी को ट्रस्ट माना जाता है। पॉलिसी की लाभ राशि पर केवल ट्रस्टियों का ही अधिकार होता है। डेथ क्लेम होने की स्थिति में पॉलिसी से प्राप्त पैसा ट्रस्ट को मिलता है, जिसे ट्रस्टी ही क्लेम कर सकता है। इसे कोई क्रेडिटर या रिश्तेदार क्लेम नहीं कर सकता। ट्रस्ट पत्नी और/या बच्चों के लिए ही क्लेम राशि को सुरक्षित रखता है। इस तरह एमडब्ल्यूपी एक्ट पत्नी और बच्चों का भ‌विष्य सुरक्षित करता है।


     




  4. इनके लिए एमडब्ल्यूपी एक्ट है जरूरी


     



    • ऐसे बिजनेसमैन और सैलेरी पाने वाले लोग जिनके ऊपर लोन या अन्य देनदारियां हैं।

    • ऐसे लोग जो अपनी पत्नी और बच्चों को ऐसे क्रेडिटर्स/रिश्तेदारों से बचाना चाहते हैं जिनकी मंशा धोखा देने वाली हो सकती है।

    • टर्म लाइफ इंश्योरेंस से मिलने वाली राशि बड़ी हो सकती है, जो पति के न रहने पर परिवार का भविष्य बचा सकती है। इसलिए एमडब्ल्यूपी एक्ट के तहत टर्म लाइफ इंश्योरेंस लेना हर किसी के लिए एक अच्छा फैसला साबित हो सकता है।